नई दिल्ली में कार्यनिष्‍पादन समीक्षा समिति की

ग्रामीण विकास मंत्रालय

नई दिल्ली में कार्यनिष्‍पादन समीक्षा समिति की

प्रविष्टि तिथि: 07 JUN 2019 8:00PM by PIB Delhi
 

मौजूदा वित्त वर्ष (2019-20) के लिए कार्यनिष्‍पादन समीक्षा समिति की पहली बैठक 6-7 जून, 2019 को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी। माननीय  ग्रामीण विकास, कृषि और किसान कल्याण तथा  पंचायती राज मंत्री ने 7 जून, 2019 को इसे संबोधित किया। माननीय मंत्री ने समावेशी विकास और सतत विकास को प्राप्त करने के लिए ग्रामीण विकास कार्यक्रमों को लागू करने में राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयासों की सराहना की।  उन्होंने वर्ष 2022 में भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने अवसर पर  माननीय प्रधान मंत्री ने जो कुछ सोचा है उन आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित किया।  उन्होंने उन बदलावों के बारे में बताया जो ग्रामीण भारत सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से देख रहा है और उन जरुरतों के बारे में भी जिक्र किया जो  विकास को गति दे सकते हैं।

माननीय मंत्री ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से आर्थिक विकास लाने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामसड़क योजना की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला कि  कैसे सड़क संपर्क न केवल सार्वजनिक सेवाओं तक बेहतर पहुंच बढ़ाती है, बल्कि विभिन्न अन्य सामाजिक-आर्थिक मापदंडों में भी अधिक गुणक प्रभाव रखती है। उन्होंने पिछले तीन वर्षों में प्रति दिन 130-135 किलोमीटर पीएमजीएसवाई सड़कों के निर्माण की गति को प्राप्त करने के लिए राज्‍यों को बधाई दी।    उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ग्रामीण परिदृश्य को बदल रही है। वित्‍त वर्ष 2019-20 में दूसरे चरण-  में, 60 लाख घरों का निर्माण,. किया जाएगा। "हाउसिंग फॉर ऑल" की सरकार की प्राथमिकता को पूरा करने के लिए वर्ष 2022 तक 2019-20 और 1.95 करोड़ घर बनाए जाएंगे। उन्होंने राज्यों से इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए विश्वसनीय और पारदर्शी प्रणाली बनाने का आग्रह किया।

 माननीय मंत्री ने राज्यों में स्वयं सहायता समूहों के काम और जिस  जिस तरह से महिलाएं विभिन्न सामाजिक आर्थिक गतिविधियों में खुद को व्यवस्थित कर रही हैं इन सबकी सराहना की इस अवसर पर बोलते हुए, मंत्री ने सरकारी योजनाओं के साथ महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को अधिक से अधिक कवरेज की सुविधा के लिए मनरेगा और कृषि और अन्य मंत्रालयों की विभिन्न योजनाओं के साथ एनआरएलएम के अभिसरण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि महिला स्व-सहायता समूह के सदस्यों को ग्राम सभाओं में सक्रिय रूप से शामिल किया जाना चाहिए और ग्राम पंचायत विकास योजनाओं की तैयारी में भाग लेना चाहिए।

पिछले कुछ वर्षों में, प्रभावी और पारदर्शी तरीके से मनरेगा के कार्यान्वयन के लिए कई शासकीय सुधार किए गए हैं। माननीय मंत्री ने इस कार्यक्रम के माध्यम से उत्पादक परिसंपत्ति बनाने और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से संबंधित काम शुरु करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जिसके लिए  विशेष रूप से छोटे किसानों और जल संरक्षण के लिए सिंचाई सुविधाओं की बात कही।

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों के समावेशी विकास के लिए रोड मैप पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने 2022 तक ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक परिवर्तन के लिए रणनीति तैयार करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों और सहकारी संघवाद के अभिसरण के महत्व पर प्रकाश डाला, जो ग्रामीण भारत में सतत विकास के समग्र उद्देश्य को प्राप्त करने में सहायक होगा। उन्‍होंने ग्रामीण विकास के लिए रणनीति तैयार करते समय विभिन्न हितधारकों के साथ साझेदारी और अधिक पारदर्शिता तथा जवाबदेही के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी के उपयोग पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया।


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आर.के.मीणा/आरएनएम/एएम/एमएस/डीसी1500



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