केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि और किसान कल्याण, पंचायती राज और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री, श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर (एन.एम.एम.एस.) ऐप और एरिया ऑफ़िसर मॉनिटरिंग ऐप का लोकार्पण किया

ग्रामीण विकास मंत्रालय

केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि और किसान कल्याण, पंचायती राज और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री, श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर (एन.एम.एम.एस.) ऐप और एरिया ऑफ़िसर मॉनिटरिंग ऐप का लोकार्पण किया

प्रविष्टि तिथि: 21 MAY 2021 7:47PM by PIB Delhi
 

केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि और किसान कल्याण, पंचायती राज और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री, श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर (एन.एम.एम.एस.) ऐप और एरिया ऑफ़िसर मॉनिटरिंग ऐप  का वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिनांक 21.05.2021 को साध्वी निरंजन ज्योति, राज्य मंत्री, ग्रामीण विकास, सचिव, ग्रामीण विकास और मंत्रालय और सभी राज्य सरकारों के अधिकारियों की उपस्थिति में लोकार्पण किया।

 

नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर ऐप महात्मा गांधी नरेगा के कार्यस्थलों पर श्रमिकों की जीओ-टैग फोटोग्राफ के साथ वास्तविक समय पर उपस्थिति को लेने की अनुमति देता है, जो संभावित रूप से भुगतान को तेजी से सक्षम करने के अलावा कार्यक्रम की नागरिक निगरानी को बढ़ाएगा। एरिया ऑफिसर मॉनिटरिंग ऐप के ज़रिए महात्मा गांधी नरेगा, पीएमएवाईजी, पीएमजीएसवाई जैसी ग्रामीण विकास विभाग की सभी योजनाओं के लिए टाइम स्टैंप और जीओ-कोऑर्डिनेट के साथ टैग की गई तस्वीरों और निष्कर्षों का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखने की सुविधा प्रदान करता है। यह न केवल क्षेत्रीय और पर्यवेक्षी अधिकारियों द्वारा निरीक्षणों के बेहतर रिकॉर्ड रखने में सक्षम होगा बल्कि बेहतर कार्यक्रम कार्यान्वयन के लिए निष्कर्षों के विश्लेषण की सुविधा भी प्रदान करेगा।

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माननीय केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने में मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ये दोनों ऐप पारदर्शिता और निगरानी की दिशा में बड़े कदम होंगे। उन्होंने मंत्रालय को ऐप्स को बहुभाषी बनाने, पर्याप्त प्रशिक्षण और उपकरण प्रदान करने और इसके रोलआउट के लिए समय देने की सलाह दी।

 

केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण लोगों को वैकल्पिक रोजगार प्रदान करने में महात्मा गांधी नरेगा के महत्व को रेखांकित किया। COVID-19 महामारी के दौरान, जरूरतमंदों को हर संभव सहायता देने के मोदी सरकार के संकल्प पर प्रकाश डाला और बताया कि उनकी सरकार ने महात्मा गांधी नरेगा के बजट को 61,500 करोड़ से बढ़ाकर  1.11 लाख करोड़ रुपये किया  ताकि योजना के यह तहत यह सुनिश्चहित हो सके कि सभी जरूरतमंद परिवारों को उनकी जरूरत के अनुसार काम मिले।

 

उन्होने इस बात पर खुशी जताई कि  मंत्रालय के प्रयासों से महात्मा गांधी नरेगा श्रमिकों के बैंक खाते में सीधे एन.ई.-एफ.एम.एस. के माध्यम से डी.बी.टी. द्वारा 99% मजदूरी भुगतान करने में मदद मिली है। यह पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने आगे कहा कि जीओ-मनरेगा के सफल कार्यान्वयन के द्वारा, परिसंपत्तियों की जीओ-टैगिंग के प्रावधान से योजना के किर्यान्वयन मे पारदर्शिता आई है तथा  कार्यक्रम के बारे में नागरिकों का विश्वास जीतने में और मदद की है।

उन्होंने महात्मा गांधी नरेगा के जीआरएस, पंचायत सचिव, और अन्य क्षेत्रीय पदाधिकारियों और स्वयं सहायता समूहों जैसे फील्ड अधिकारियों और स्वयंसेवकों को कोविद -19 की विपरीत परिस्थिति मे भी योजना का झंडा ऊंचा रखने के लिए  बधाई दी । उन्होंने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से अपने काम में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने और सरकार के अन्य विभागों के साथ मिलकर काम को सुनिश्चित करने का आह्वान किया ताकि कोविड और उससे जुड़े दुखों के खिलाफ लड़ाई जीती जा सके।

 

इस अवसर पर माननीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कोविड-19 महामारी में इन कठिन दिनों के दौरान महात्मा गांधी नरेगा के तहत ग्रामीण लोगों को रोजगार प्रदान करके किए गए अच्छे कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने लोगों को बीमारी से बचाने में टीकाकरण के महत्व पर जोर दिया और उन्हें लोगों की जरूरतों को पूरा करने और इस कठिन समय में लोगों का मनोबल बढ़ाने के लिए सक्रिय रहने का आह्वान किया।

श्री नागेंद्र नाथ सिन्हा, सचिव, ग्रामीण विकास, भारत सरकार ने सामाजिक लेखा परीक्षा को मजबूत करने, लोकपाल की भर्ती, परिसंपत्तियों की जियोटैगिंग और कार्यों की निगरानी पर जोर दिया।

 

इस अवसर पर श्रीमती. अलका उपाध्याय, अपर सचिव, ग्रामीण विकास, श्री रोहित कुमार, संयुक्त सचिव,( ग्रामीण रोजगार ),श्री चरणजीत सिंह, संयुक्त सचिव (कौशल) और डॉ. (श्रीमती) सुपर्णा एस. पचौरी, संयुक्त सचिव एवं वित्त सलाहकार  भी मौजूद थे।

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एपीएस/एमजी



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