ग्रामीण विकास विभाग ने एक मजबूत व पारदर्शी जवाबदेही फ्रेमवर्क लागू किया

ग्रामीण विकास विभाग ने एक मजबूत व पारदर्शी जवाबदेही फ्रेमवर्क लागू किया

प्रकाशन तिथि:
05 FEB 2018 7:52PM by PIB Delhi

ग्रामीण विकास विभाग ने अपने सभी कार्यक्रमों के लिए एक सशक्त और ठोस जवाबदेही फ्रेमवर्क विकसित किया है। यह फ्रेमवर्क सामाजिक-आर्थिक जनगणना 2011 को ध्यान में रखते हुए पात्रता के सिद्धांत तथा सामाजिक समीक्षा, वित्तीय अंकेक्षक, भौगोलिक-टैगिंग और सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग पर आधारित है। ग्रामीण विकास विभाग ने अपने कार्यक्रमो के संदर्भ में एक पारदर्शी फ्रेमवर्क को अपनाने में तथा भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता बनाए रखने में महत्वपूर्ण प्रगति की है।

आम लोगों की पहुंच कार्यक्रमों से संबंधित सभी लेनदेन की जानकारी तक है। इसमें भौगोलिक-टैगिंग वाली तस्वीरें तथा वास्तविक समय पर सूचनाएं शामिल हैं। ग्राम संवाद, मेरी सड़क, आवास ऐप्प जैसे नागरिक आधारित ऐप्प विकसित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। विभाग में राष्ट्रीय स्तर की निगरानी संस्थानों की एक प्रणाली है। यह प्रतिवर्ष 2 बार देश के 600 जिलों का भ्रमण करती है और प्रतिदर्शों की जांच करता है। सभी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के लिए शोध तथा मूल्यांकन-अध्ययन का कार्य प्रारंभ किया गया है। एनआरएलएम का मूल्यांकन आईआरएमए द्वारा, मनरेगा का मूल्यांकन आर्थिक विकास संस्थान, दिल्ली द्वारा तथा पीएमजेएसवाई (प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना) का मूल्यांकन आईआईएम, अहमदाबाद द्वारा किया गया है। यह मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के मूल्यांकन कार्य का पहला भाग एनआईपीएफपी द्वारा पूरा किया गया है। यह मंत्रालय की वेबसाइट पर जल्द ही उपलब्ध होगा। इसके अलावा राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान और पंचायती राज ने भी मनरेगा के संदर्भ में कई अध्ययन किये हैं। ये जानकारियां भी जल्द ही वेबसाइट पर उपलब्ध होंगी।

योजनाओं के बेहतर कार्यान्वयन का सुझाव देने के लिए विभाग ने एक सलाहकार समूह का गठन किया है। समूह ने आंतरिक लेखा परीक्षकों के लिए एक प्रमाण-पत्र कार्यक्रम लांच करने की सिफारिश की है। इसके लिए पाठ्यक्रम विकसित कर लिया गया है और जल्द ही राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान और पंचायती राज, भारतीय आंतरिक लेखा परीक्षक संस्थान की सहायता से वर्तमान व अवकाश प्राप्त लेखा अधिकारियों तथा अन्य सरकारी कर्मियों के लिए प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम की शुरूआत करेंगे। 2018-19 तक पांच हजार प्रमाणित आंतरिक लेखा परीक्षक तैयार हो जायेंगे।

भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक के मार्ग-दर्शन में सामाजिक लेखा समीक्षा के लिए पहली बार लेखा मानकों को अधिसूचित किया गया है। महिलाओं की स्वयं सेवी समूहों को सामाजिक लेखा समीक्षा के लिए उपयुक्त माना गया है। इस संबंध में नीति-निर्णय लिया जा चुका है। 2018-19 तक महिला स्वयं सेवी समूहों की सहायता से 50,000 सामाजिक लेखा परीक्षक तैयार हो जाएंगे।

एनआरएलएम-डीएवाई के तहत स्वयं सेवी समूहों के 4.7 करोड़ सदस्यों से संबंधित जानकारियां सार्वजनिक की गई है। अप्रैल, 2017 में एनआरएलएम-डीएवाई ने लेन-देन आधारित एमआईएस लांच किया है। इस प्रणाली को 25 राज्यों में फैले 1400 ब्लाकों में लागू किया गया है।

साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित एक सलाहकार समूह का गठन किया गया है। यह आईटी आधारित भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता को बनाए रखेगा।

राज्यों में कार्यक्रमों की प्रगति के मूल्यांकन के लिए विभाग ने एक सामान्य समीक्षा मिशन (सीआरएम) प्रणाली की शुरूआत की है। 32 स्वतंत्र पेशेवरों ने 8 राज्यों का भ्रमण किया है। यह टीम प्रत्येक राज्य के 2 जिलो का भ्रमण करती है और अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपती है। अब तक 3 सीआरएम हो चुके हैं।

ग्रामीण विकास विभाग ने एक छोटे आंतरिक अंकेक्षण इकाई का गठन किया है जो स्थानीय स्तर पर वित्तीय प्रणाली की जांच करता है और वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए सलाह प्रस्तुत करता है। जीआरआईपी नाम का पोर्टल विकसित किया गया है, जो आंतरिक अंकेक्षण के अंतर्गत ऑनलाइन जांच व विवेचना करता है। मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए इसका उपयोग किया जा रहा है।

उपरोक्त प्रणालियों के लागू होने से ग्रामीण विकास विभाग ने राज्यों के सहयोग से एक सशक्त और मजबूत जवाबदेही फ्रेमवर्क अपनाया है। इससे नागरिकों के शिकायत को दूर करने में तथा एक पारदर्शी व्यवस्था लागू करने में सहायता मिली है। विभाग ग्राम पंचायत स्तर पर इन कार्यक्रमों लागू करना चाहता है। इससे यह व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। मनेरगा के तहत 2.43 परिसंपत्तियों तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनने वाले सभी घरों की भौगोलिक-टैगिंग की गई है। यह सार्वजनिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। इससे पारदर्शिता तथा उत्तरदायित्व में बढोतरी हुई है।

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वीके/एएम/जेके/सीएस–6548

 

 

(रिलीज़ आईडी: 1519225)
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